नींद नहीं महबूबा जो नखरे दिखाएगी, बस ये काम कर लीजिए, बिना किसी लागत रोज नींद आएगी

Author Name – Roshan Bafna

Categories – Health & Wealth 

-रोशन बाफना, लेखक व पत्रकार


नींद को आप खुद आने ही नहीं देते और उल्टी शिकायत भी नींद की करते हो। देखा जाए तो नींद नहीं आना असंभव है सिवाय कुछ अपवादों के। दरअसल, नींद का समय तय होता है। यह समय है रात का, रात इसलिए कि ये अंधेरे का समय है, इस समय काम करना मुफीद नहीं है, ऐसे में आदिकाल से ही नींद यानी आराम का समय रात को तय माना गया। लेकिन इस तकनीकी युग में बेचारी नींद पर इतने इल्ज़ाम है, जैसे वो किसी की महबूबा है जो आने के लिए नखरे दिखा रही हो।
मेरे शोध से पता चला कि लोग नींद को आने का मौका ही नहीं देते। वे नींद के चक्र को बुरी तरह बर्बाद करने पर तुले हैं। बहरहाल, इससे पहले की नींद का समय हो जाए और आप लेख पढ़ ना पाए, आपको समाधान बता देना जरूरी है। अगर आपको शिकायत है कि आपको नींद नहीं आती तो ये कुछ तरीके हैं जो कुछ दिनों या महीनों में आपकी इस असाध्य समस्या को जादुई ढंग से ठीक कर देंगे। सबसे पहले तो आपको एक समय तय करना होगा, जब आप सोना और उठना चाहते हैं। इस भागदौड़ भरी ज़िन्दगी को देखते हुए हम आपके सोने का समय 12 बजे और उठने का समय सुबह 6 बजे का तय करते हैं। इस समय को आप अपनी सुविधानुसार थोड़ा जल्दी भी कर सकते हैं, लेकिन 6 घंटे से अधिक नींद नहीं होनी चाहिए। अब आपको हर रात 11:59 बजे आपके मोबाइल, लैपटॉप, कम्प्यूटर व टीवी आदि से दूरी बनानी है और ठीक बारह बजे बिस्तर पर लेट जाना है। बिस्तर पर लेटने के बाद आपको कुछ नहीं करना है। इच्छा हो तो आंखें बंद कीजिए, इच्छा हो तो खुली रख लीजिए। इसके बाद हमें नहीं पता आपको नींद कब आएगी, लेकिन आप याद रखें कि आपके उठने का समय सुबह 6 बजे का तय हो चुका है। हो सकता है आपको सुबह पांच बजे नींद आए, लेकिन आपको 6बजे उठना ही होगा। इस अनुशासन को बनाए रखने के लिए आप अलार्म का सहारा लें या परिवार का, मगर तय समय में उठना ही होगा। ये प्रक्रिया कुछ दिन आपको बेहद परेशान कर सकती है। हर रोज 12 बजे बिस्तर पर लेटना और सुबह 6 बजे बिस्तर से उठकर काम लग जाना होगा। याद रखें इस परीक्षा में चीटिंग करने से आपकी जीत नहीं हार होगी। इसलिए अनुशासन तोड़कर बहाने ना बनाएं। इतना ही नहीं इस नियम से आपको दिन के समय में भी नींद आएगी मगर याद रखें सोने का समय सिर्फ रात 12 बजे से ही है। इस प्रयोग को बहुत सारे लोगों पर किया तो नींद ना आने की शिकायत ही मिट गई। हम आपको यह भी बता देते हैं कि नींद के इस समय चक्र के साथ साथ शारीरिक मेहनत भी जरूरी है। आजकल शारीरिक खेलकूद व परिश्रम से लोग दूर होते जा रहे हैं, ऐसे में शरीर थकता ही नहीं। आप दिनभर में शारीरिक श्रम करें, व्यायाम करें व एक घंटे कोई शरीर को थका देने वाला खेल खेलें। ऐसा करने से आपके शरीर को रात होते ही नींद आने लगेगी। दरअसल, हम खुद ही देर रात तक मोबाइल देखते हैं, सुबह देर से उठते हैं और दिन में भी मौका मिलते ही नींद ले लेते हैं। खेल के नाम पर मोबाइल के डिजीटल खेल खेलते हैं। इतना ही नहीं नींद के समय चक्र को पूरी तरह खराब करने के बाद हम शिकायतों और बहानों से दूसरों को मूर्ख बनाने की कोशिश करते हैं। अगर आपको भी नींद से शिकायत है तो इस समय चक्र का अनुशासन के साथ पालन करें, कुछ ही समय में आपका जीवन बदल जाएगा।

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Roshan Bafna

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